गोरखपुर।उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ गोरखपुर शाखा ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आज डिपो परिसर में एक दिवसीय आमसभा की। ज्वलंत समस्याओं के समाधान एवं मांगों की पूर्ति हेतु 16 सूत्रीय मांगों के समर्थन में पूरे प्रदेश के डिपो में सभा कर अधिकारियों को मांगों से अवगत कराया।उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेतृत्व में 14 नवंबर को 16 सूत्रीय मांगों का एक पत्रक प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को भेजा था। जिसके तहत मांगे न माने जाने पर 2 दिसंबर से वृहद आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।संघ के नेताओं का कहना है कि पूर्व में संगठन की अनेक बिंदुओं जैसे राष्ट्रीय कृत मार्गो पर प्रदेश भर में हो रहे डग्गामारी से निगम को प्रतिदिन करोड़ों रुपए की राजस्व हानि निगम हितों के दृष्टिगत नियमित नियुक्ति न करने राज्य कर्मचारियों के भांति महंगाई भत्ता न दिए जाने, निजी करण व्यवस्था पर विराम लगाने जैसे मांगों पर विचार न करने के कारण संघ द्वारा आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 2 दिसंबर से 8 दिसंबर के मध्य डिपो शाखाओं पर गेट मीटिंग धरना का कार्यक्रम प्रस्तावित है। जिसके तहत आज गोरखपुर डिपो शाखा में एकदिवसीय आमसभा धरना कार्यक्रम किया गया। धरने का संचालन करते हुए शाखा मंत्री राजेंद्र नायक ने कहा कि जब तक प्रबंधन हमारी मांगों पर विचार नहीं करता है, तब तक हमारा आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।श्री नायक ने कहा कि कर्मचारी किसी भी संस्था के रीढ़ होते हैं जिस संस्था में कर्मचारी ही नहीं रहेंगे वह संस्था खत्म हो जाएगी। परिवहन विभाग नियमित कर्मचारियों की संख्या दिन-प्रतिदिन घटती जा रही है। पूरा विभाग संविदा चालकों परिचालकों के भरोसे चल रहा है, ऐसे में इनके साथ दुर्व्यवहार भेदभाव करना न्यायसंगत नहीं होगा।श्री नायक ने कहा कि परिवहन निगम में कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों को उनकी वरिष्ठता सूची जारी करते हुए बिना भेदभाव के नियुक्ति तिथि से नियमित किया जाए।केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार प्रत्येक संविदा कर्मी तब तक 24000 न्यूनतम वेतन दिया जाए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गोरखपुर डिपो में लेखाकार अपनी मनमानी कर रहे हैं। अपने आप को सर्वोपरि घोषित करते हैं। कर्मचारी हितों के काम करने के बजाय उन्हें परेशान करने का काम करते हैं। ऐसे में उनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डिपो अध्यक्ष रमेश पांडे ने कहा कि राज्य सरकार प्रबंधन समस्याओं का समाधान करने में अक्षम हो गया है। ऐसे में कर्मचारियों को अपनी मांगों को मनवाने के लिए धरना प्रदर्शन आंदोलन करना पड़ रहा है।प्रांतीय कार्यकारिणी से कार्यक्रम में उपस्थित श्री रमेश तिवारी ने कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि डिपो स्तर की जो भी समस्याएं हैं यदि उसका समाधान 12 दिसंबर के पहले सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा नहीं किया जाता है उसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।श्री तिवारी ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व में 16 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कार्यक्रम तय किया है। जिसमें संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने हेतु सभी पदों पर मनमानी प्रभारी व्यवस्था समाप्त की जाए और नियमानुसार वरिष्ठता सूची जारी कर वर्तमान में लंबित रिक्त पदों पर प्रोन्नत की कार्यवाही से शीघ्र भरा जाए।उन्होंने मांग किया कि मृतक आश्रित नियुक्ति में 5 वर्ष का प्रतिबंध समाप्त करते हुए उनकी योग्यता के अनुसार नियुक्ति प्रदान की जाए तथा पूर्व समझौते के अनुसार छठवां वेतनमान लागू करते हुए उसके एरियर का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।श्री तिवारी ने मांग किया कि राज्य कर्मचारियों के बाद परिवहन निगम कर्मचारियों को भी अनुमन्य आवासीय भत्ता तथा 17% महंगाई भत्ता तथा ग्रेच्युटी 20 लाख को शीघ्र देय तिथि से लागू किया जाए।संविदा चालक परिचालक संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि कर्मचारी संघ ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को मुद्दा बनाया है।हम कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ चलने को तैयार है। संविदा के चालक परिचालक निश्चित रूप से उनके आंदोलन में सक्रिय सहभागिता निभाएंगे और 12 दिसंबर को क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन में उपस्थित होंगे।इस प्रकार कुल 16 सूत्रीय मांगों के संदर्भ में आज डिपो स्तर पर धरना प्रदर्शन आम सभा कार्यक्रम संपन्न हुआ। धरना प्रदर्शन आम सभा कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के श्री वृंदावन शुक्ला, चंद्रकला, ओम प्रकाश आर्य, ललित कुमार राम धवन, दुर्गा प्रसाद यादव, संविदा कर्मचारी संघ के नेता संजय श्रीवास्तव, धनंजय मिश्रा, धीरज सिंह दिवाकर, राजू,राम लवट, सुरेंद्र वर्मा सहित अनेकों कर्मचारी चालक परिचालक उपस्थित रहे।
संविदा के नियमितीकरण तक जारी रहेगा आंदोलन